मेरे बिलासपुर में
बिलासपुर छत्तीसगढ़ राज्य का एक प्रमुख जिला है। यह प्रशासनिक एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में राज्य का दूसरा सबसे प्रमुख एवं बड़ा शहर है। बिलासपुर शहर लगभग 400 साल पुराना है l मना जाता है की यह काफी लंबे समय तक मछुआरों की बस्ती रही थी और इसका नाम मत्स्य - महिला (केंवट जाती की महिला ) "बिलासा" के नाम पर रखा गया है।ऐतिहासिक रूप से बिलासपुर, रतनपुर के कलचुरी राजवंश का भाग था।बिलासपुर को लगभग 400 वर्ष पुराना शहर मना जाता है l छत्तीसगढ़ राज्य का उच्च न्यायालय भी बिलासपुर में स्थित है l अतः इसे 'न्यायधानी' होने का भी गौरव प्राप्त है। शासकीय तौर पर सन 1861 में बिलासपुर जिला का निर्माण किया गया l तब अंग्रेजो का यहाँ शासन था। यहाँ की प्रमुख नदियाँ - अरपा, लीलागर, मनियारी है l
ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल
1. रतनपुर :-
इतिहास की माने तो कलचुरी वंश के शासक रत्नदेव प्रथम ने 1050 ई. (11 वीं शताब्दी ) में नगर बसाया था l यही कारण हैं इस शहर का नाम रतनपुर पड़ा। पौराणिक काल में इसे कुबेरपुर के नाम से जाना जाता था। यह तालाबों का शहर के नाम से भी जाना जाता है l यहाँ कभी 157 तालाब हुआ करते थे l अब इनकी संख्या 120 रहा गईं है l ज्यादातार मंदिरों के पास ही तालाब हैं। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धालु तालाब में स्नान कर मंदिर में प्रवेश करे l इस उदेश्य से मंदिरों के पास तालाब बनवाए गए थे। आज भी इस मान्यता को श्रद्धालु मानते हैं।बिलासपुर के
रतनपुर के अंतर्गत और भी कई दार्शनिय और पौराणिक तथा आकर्षक पर्यटन स्थल है l जिनमें प्रसिद्ध "51 शक्ति पीठ में से एक महामाया मंदिर " सबसे विशेष और पौराणिक है l यहाँ भैरोबाबा मंदिर, लखनिदेवी मंदिर, रामटेकरी मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है l यहाँ पांडव महल भी है l जो द्वापरयुग के पांडवो से सम्बंधित मना जाता है l यहाँ पहाड़ियों से घिरा प्रसिद्ध खुटाघाट बाँध भी है l जिसमे भैसाझार परियोजना जो सिचाई से सम्बंधित है,संचालित है l
2. ताला गाँव :-
बिलासपुर से 28 किमी दूर मनियारी नदी के तट पर तालागांव स्थित है l तालगांव छत्तीसगढ़ के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में है। यहाँ 6वी शताब्दी की रूद्र शिव की प्रतिमा भी पाई गईं है। यहाँ 4 व 5 शताब्दी के मंदिर स्थित है जिन्हे देवरानी-जेठानी मंदिर कहते हैl जो लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित है lइसे सन 1987 में निकाला गया था। इस प्रतिमा को वास्तु इतिहास की अनहोनी कहा जा सकता है। इस प्रतिमा के 11 अंग विभिन्न प्राणियों से निर्मित किये गए हैं l यह 7 फुट ऊँची, 4 फूट चौडी तथा 6 टन वजन की लाल बलुए पत्थर की बनी है l इस प्रतिमा को अभी तक रूद्र शिव, महारुद्र, पशुपति, अघोरेश्वर, महायज्ञ बिरूवेश्वर, यक्ष आदि नाम दिये जा चुके है।
3. मल्हार :-
मल्हार में ताम्र पाषाण काल से लेकर मध्यकाल तक का इतिहास सजीव हो उठता है l यहाँ कई प्राचीन मंदिरों के अवशेष मिलते हैं और यह एक महत्वपूर्ण पुरातत्व स्थल है।
4. डिडनेश्वरी मंदिर :-
शुद्ध काले ग्रेनाइड से बनी मां डिडनेश्वरी की प्रतिमा लोगों की आस्था का केंद्र है। हजारो लोग मां डिडनेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंचते है। मान्यता है कि देवी के दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। माता अपने दरबार से किसी को भी खाली हाथ नहीं जाने देती। यहां स्थानीय लोगों के अलावा पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश और देशभर से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मल्हार में पुरातत्व के अनेक मंदिरों के अवशेष हैंl
5. कानन पेंडारी :-
कानन पेंडारी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से 10 किलोमीटर दूर मुंगेली रोड पर सकरी के पास स्थित है। इस जूलॉजिकल गार्डन की स्थापन वर्ष 2004 -2005 में किया गया। यह लगभग 114.636 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहाँ लगभग 70 प्रजातियों के वन्यजीव है जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं l यहाँ दूर दूर से पर्यटक घूमने आते है l
औधोगिक क्षेत्र
बिलासपुर में तिफरा औद्योगिक क्षेत्र, सिलपहरी औद्योगिक क्षेत्र और सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र विशेष रूप से प्रसिद्ध है l यहाँ बड़ी बड़ी फैकट्रीया है l
सिम्स :-
छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल (CIMS) बिलासपुर में स्वास्थ सेवाओं के लिए प्रसिद्ध शासकीय संस्थान है l यहाँ प्राइवेट क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थान भी है जिनमें, ओपेरा, किम्स इत्यादि प्रमुख है l
प्रमुख शैक्षणिक संस्थान
बिलासपुर छत्तीसगढ़ के शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है l यहाँ पुरे राज्य से विद्यार्थी इंजीनियरिंग , चिकित्सा और प्रशासनिक प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन करने के लिए बिलासपुर आते हैं । बिलासपुर में 5 प्रमुख विश्वविद्यालय हैं।
1.गुरु घासीदास विश्वविद्यालय - केंद्रीय विश्वविद्यालय
2.अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय
3. पंडित सुंदरलाल शर्मा (खुला) विश्वविद्यालय
4. डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय
5. प्रबंधन और प्रौद्योगिकी के महर्षि विश्वविद्यालय
6. पत्रकारिता से सम्बंधित विश्व विद्यालय भी यहाँ है l
7. तीफरा में बहुत बड़ा कोल डिपो है l
8. बिलासपुर में छत्तीसगढ़ का रेलवे जोन है l
बिलासपुर NTPC
बिलासपुर में NTPC की स्थापना सीपत में की गई है l जो कोयले से विद्युत उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाता है l यह अरपा नहीं के किनारे स्थित है l
लोकेश्वरी कश्यप
जिला- मुंगेली छत्तीसगढ़
(25/10/2021 को मेरी स्वरचित और मौलिक रचना)
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
ट्रंप चाचा, ओ भाऊ श्री वाले ट्रंप चाचा। एगो सलाह दें, अगर बम काम नहीं कर रहा है तो क्यों नहीं हमरा देश से एकाध दर्जन डायन मंगवा लेते हो। भारत में इसका जबरदस्त क्रेज है। आऊ त आऊ, मारन क्षमता भी एकदम गारंटेड है। इसके साथ साथ हमरा देश में मुंहनोछवा, चोटीकटवा
Read More
यूनिक रिकॉर्ड्स ऑफ यूनिवर्स, जो कि दिव्य प्रेरक कहानियाँ मानवता अनुसंधान केंद्र न्यास, ठेकमा, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश की एक इकाई है, द्वारा धराधाम अंतर्राष्ट्रीय, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के सहयोग से गुजरात के वलसाड़ जिले में स्थित हार्टफुलनेस योग प्रशिक्षण...
Read More
भगवान बुद्ध के चार प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक सारनाथ—ज्ञान एवं उपदेश की पावन भूमि—वास्तव में वही दिव्य स्थान है, जहाँ भाग्यशाली एवं विरले ही पहुँच पाते हैं। आजमगढ़ जिले की ठेकमा ब्लॉक की चयनित समूह दीदियाँ इस पवित्र स्थल पर पहुँचीं और वहाँ...
Read More
मैं लक्ष्मी-वंदना में व्यस्त था, हे भ्रष्टाचार प्रेरणी, हे कालाधनवासिनी, हे वैमनस्यउत्पादिनी, हे विश्वबैंकमयी, हे कष्टनिवारिणी मुझपर कृपा कर! बचपन में मुझे चवन्नी मिलती थी पर इच्छा अठन्नी की होती थी, परंतु तेरी चवन्नी भर कृपा कभी न हुई। यहाँ तक मुझमें....
Read More
दिनांक 3 दिसंबर 2025 शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादाई दिवस के रूप में स्मरणीय बन गया जो माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा अशोक कुमार को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया यह सामान ने केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियां की पहचान है बल्कि समर्पण..
Read More