| ब्लॉग प्रेषक: | अभिषेक कुमार |
| पद/पेशा: | |
| प्रेषण दिनांक: | 08-03-2022 |
| उम्र: | 32 |
| पता: | आजमगढ़, उत्तर प्रदेश |
| मोबाइल नंबर: | 9472351693 |
NRLM समूह के परिपेक्ष्य में ग्रामोद्योग निति की एक परिकल्पना
प्रस्ताव
समूह सदस्य आपसी एकता- सौहार्द समूह के प्रति जगरूकता, नियमित तथा टिकाऊ आय-अर्जन सम्बन्धी क्रियाकलापों के प्रति और भी संवेदनशील है। इन दीदियों में स्वरोजगार हेतु कार्य करने की उत्सुकता, हूनर एवं आपार क्षमता है। एक उचित व्यापर प्लान तैयार कर उत्पादित वस्तुओं को मूल्य संवर्धन/आकर्षक पैकेजिंग कर एक प्रमाणित नियमानुसार विपणन सृंखला विकसित करके हम सभी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मूल उद्धेस्य आजीविका संवर्धन से निसंदेह समूह दीदियो के आर्थिक-सामाजिक-बौद्धिक विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते है।
उद्धेश्य
पिछड़े हुए ग्रामीण समुदाय के एक बड़ा तबका/समूह सदस्य कहीं न कही आर्थिक- सामाजिक- बौद्धिक-शैक्षणिक दृष्टिकोण से पिछड़े हुए है, इनके इच्छानुसार सम्बंधित विषय वस्तु पर कौशल आधारित प्रशिक्षण दिलाके इनके कौशल को और दक्ष बनाके आत्मविश्वास दिलाके एक विपणन सृंखला से जोड़ कर सफलता, रोजगार आयर्जन में सुदृढ़ कर सकते है। इन्हें स्थानीय बाज़ार तथा मांग के मध्यनजर उत्पादन के फलस्वरूप चयनित/इनके इच्छानुसार उधोग के सही संचालन से आय अर्जन तथा इनके आर्थिक-सामाजिक स्थिति को मजबूत बनाने में कारगर साबित होंगे।
विपणन (ब्यापार) की रूप रेखा पर मेरे विचार
Ø आजीविका मिशन के माध्यम से प्रशिक्ष्नोप्रांत कोई भी समूह दीदी बड़ी सहजता से एक हज़ार से दस लाख रूपए तक पूँजी निर्माण करके अपने घर/ग्राम स्तर पर उधोग की स्थापना कर सकती है।
Ø तैयार उत्पाद/वस्तु को ब्लॉक/जिला स्तर के विपणन प्रबंधक के देख रेख आवश्यक दिशानिर्देशन में ‘’आजीविका प्रेरणा NRLM आजमगढ़’’ ब्राण्ड के बैनर तले सर्व प्रथम उत्पादन कर्ता ग्राम के समस्त समूह दीदियाँ उनसे जुड़े समस्त परिवार एवं अन्य ग्राम के निवासी खरीदने हेतु प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
Ø विकास खण्ड स्तर पर प्रत्येक ग्राम संगठन/संकुल स्तरीय संघ में 1-1 उद्योग सखी चुन कर कुल अभी तक गठित ग्राम संगठनों/ संकुल स्तरीय संघो में उनके माध्यम से प्रत्येक दीदी के घर कम दर में गुणवत्तापूर्ण/टिकाऊ उत्पाद ब्यापार हेतु उपलब्ध कराया जाय। इसी प्रकार विकास खण्ड के अन्य ग्राम में भी 1-1 समूह दीदी को ब्यापारिक कमीशन/जिम्मेदारी देके उत्पाद का ब्यापार किया जाय।
Ø ठीक इसी प्रकार से आजमगढ़ जिले के अन्य विकास खण्ड के संकुल सतरीय संघ, ग्राम संगठन, तथा समूह के दीदियों तक 1-1 दीदी को नोडल बना के, उन्हें व्यापारिक कमीशन तय करके, वैल्यू चैन, वैल्यू एडिशन करके ब्यापार को बृहद पैमाने पर बढ़ावा दिया जाय।
Ø प्रत्येक VO/CLF/ग्राम/विकास खण्ड/जिला स्तर पर एक ‘’प्रेरणा मौल’’ की स्थापना की जाए जहाँ समूह दीदियों द्वरा निर्मित समग्र वस्तुओं को एक छत के निचे से से गुणवत्तापूर्ण ब्यापार किया जा सके।
Ø विकास खण्ड/जिले स्तर के छोटे/बड़े व्यवसाई जैसे प्रतिष्ठानों से साझा समन्वय स्थापित कर अपने समूह द्वरा निर्मित उत्पादों को उचित दर पर विपणन हेतु सहमती बनाई जाए।
Ø विपणन सृंखला के संतुलन को बनाये रखने हेतु ग्राम/विकास खण्ड/जिले स्तर पर इसके विशेसग्य प्रोफेशनल्स की नियमित देख-रेख की आवश्यकता पड़ेगी तथा बिच-बिच में उन्हें सम्बंधित विषय वस्तु की प्रशिक्षण की भी जरुरत होगी।
Ø ‘’एक ग्राम एक उत्पाद’’ अर्थात एक ग्राम अगर किसी वस्तु X का निर्माण कर रहा है तो दुसरे ग्राम Y वस्तु का निर्माण करेगा ऐसे ही बिभिन्न ग्राम भिन्न-भिन्न वस्तुओं का उत्पादन करेगा फलत: प्रत्येक ग्राम अपने निर्मित वस्तुओं का सर्वप्रथम उत्पादित कर खपत के उपरांत शेष बचे उत्पाद को दुसरे ग्राम में निर्यात करेगा तथा अपने आवश्यकता के अनुसार प्रत्येक वस्तु अन्य दुसरे ग्राम में समूह दीदियों के द्वरा तैयार माल को अपने ग्राम में अयात करेगा।
इस प्रकार के परस्पर आपसी सहयोग से एक दुसरे के आर्थिक सामाजिक ब्यवस्था के क्रांतिकारी बदलाव आयेंगे क्यूंकि स्थानीय बाज़ार तो इन्ही समूह के दीदियों से सजता है ये दीदियाँ के ही कोई न कोई सदस्य खरीदारी करता है l अगर दीदियाँ निर्मित वस्तुओं को आपस में ही खरीद-विक्री करेंगी तो निसंदेह उन्ही का लाभ होगा।
Ø प्रत्येक ग्राम/विकास खण्ड/जिले स्तर पर इस पद्धति से उधोग को अगर बढ़ावा दिया जाये तो स्वय सहायता समूह की दीदियों का आर्थिक सामाजिक महिला सशक्तिकरण में जबरदस्त क्रांति लाई जा सकती है।
------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
अभिषेक कुमार
ब्लॉक मिशन प्रबंधक (आजमगढ़)
ग्राम्य विकास बिभाग, उत्तर प्रदेश सरकार
सह साहित्यकार, सामुदाय सेवी व प्रकृति प्रेमी
अंतर्राष्ट्रीय समाज सेवा अवार्ड से सम्मानित
कलम के जादूगर उपाधि से अलंकृत
भारत माता अभिनन्दन सम्मान से सम्मानित
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
Read More18-06-2026
विक्षिप्त हमारी संवेदना।
गर्मी की एक चिलचिलाती सुबह थी। मैं रोज़ की तरह मोहल्ले की चाय की दुकान पर खड़ा चाय की चुस्कियाँ ले रहा था। दुकान पर लोगों की भीड़ थी, राजनीति पर बहस चल रही थी और हर कोई अपने-अपने ज्ञान का प्रदर्शन करने में व्यस्त था। तभी फटे-पुराने कपड़ों में एक विक्षिप्त
Read More10-06-2026
एक सफर -सौ तमाशे
एक सफर - सौ तमाशे मैं समय हूँ... रेलवे स्टेशन में लगे घड़ी का समय। आप मेरे समय को देख कर रेल के टाइम से आने का समय न मिलाए और न ही अपनी घड़ी को मिलाएं, मै रेलवे का समय हूं। मैंने राजाओं का उत्थान-पतन देखा है, साम्राज्यों को बनते-बिगड़ते देखा है, किंतु जो
Read More09-06-2026
नियुक्ति पत्र का महाभारत।
नियुक्ति पत्र का महाभारत। हमारे यहां शिक्षक की नियुक्ति अब नौकरी नहीं रही, यह तपस्या बन चुका है। पहले ऋषि-मुनि जंगल में बैठकर भगवान को प्रसन्न करते थे, आज अभ्यर्थी साइबर कैफे, कोचिंग और कोर्ट-कचहरी के बीच बैठकर नियुक्ति पत्र क के लिए आयोग को प्रसन्न करने
Read More