| ब्लॉग प्रेषक: | सुनील कुमार |
| पद/पेशा: | पत्रकार |
| प्रेषण दिनांक: | 15-05-2022 |
| उम्र: | 41 |
| पता: | ग्राम -किशुनपुरा, पोस्ट सरांव, थाना नटवार,जिला रोहतास बिहार |
| मोबाइल नंबर: | 9470605875 |
लेखक सुनील कुमार जी का जीवन परिचय
परिचय
सुनील कुमार
पिता का नाम स्व० चन्द्रमाधव मदन
माता का नाम- मीना कुंवर उर्फ मीना देवी
धर्मपत्नी-संध्या देवी
पुत्र-प्रितम राज
जन्म तिथि -15/07/1981
योग्यता बीएससी आनर्स सहित अन्य डिग्रियां
कार्य - पत्रकारिकता
विशेष योग्यता संगीत एवं काव्य वाचन
वर्तमान कार्य भोजपुरी , हिन्दी साहित्यकार 1998 से साहित्य में कार्यरत
विशेष लेखन जनजागृति लेख एवं कविता, संपादकीय लेख
उपलब्धियां -
इंटरनेशनल जर्निलज्म अवार्ड से सम्मानित
अन्तर्राष्ट्रीय शोध सह राष्ट्रीय पत्रकारिता आवार्ड मेडल एवं प्रशस्ति पत्र अंग वस्त्रों से सम्मानित।
अन्तर्राष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार संरक्षण भारत से सम्मानित।
प्रयाग फाउंडेशन दिल्ली से सम्मानित।
महर्षि वेदव्यास अवार्ड राष्ट्रीय पुरस्कार माई मुण्डेश्वरी ट्रस्ट से सम्मानित , शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए।
काशी काव्य संगम बिहार से शांति दूत सम्मान, साहित्य सत्याग्रह सम्मान, हिन्दी साहित्य सम्मान पत्र से सम्मानित।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार रोहतास से सम्मानित।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिक्रमगंज से दस वर्षों में दो बार प्रशस्ति पत्र फूल मालाओं से सम्मानित।
अन्तर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रादेशिक सहित अन्य तीन सौ पचास से ज्यादा संस्थानों संगठनों से सम्मानित।
अभियान -शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान में मांग पर बिहार प्रदेश द्वारा पूर्णतः शराबबंदी,स्वच्छता के प्रति आदरणीय प्रधानमंत्री के मांग पर दस सुझाव में भेजे गए स्वच्छता को शामिल करना।
विशेष अभियान-भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत।
क्षेत्रीय-श्री यक्षिणी भोजपुरी साहित्य समिति भलुनीधाम, कोषाध्यक्ष,
एन एम एस रोहतास जिलाध्यक्ष,
दहेज मुक्त विवाह कार्यक्रम रोहतास जिलाध्यक्ष
प्रयाग फाउंडेशन बिहार प्रदेश सचिव
काशी काव्य संगम जिला संयोजक रोहतास
पुस्तक- हिन्दी काव्य,गघ,पघ, लघुकथा, कहानी की 101 पुस्तकें प्रकाशित, 10 प्रकियाधीन,
सपरिवार-सुशिक्षित
ईमेल आईडी -skpressreporter459@gmail.com
मोबाइल नंबर -9470605875
वर्तमान पता-ग्राम -किशुनपुरा, पोस्ट सरांव, थाना नटवार,जिला रोहतास बिहार
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
Read More18-06-2026
विक्षिप्त हमारी संवेदना।
गर्मी की एक चिलचिलाती सुबह थी। मैं रोज़ की तरह मोहल्ले की चाय की दुकान पर खड़ा चाय की चुस्कियाँ ले रहा था। दुकान पर लोगों की भीड़ थी, राजनीति पर बहस चल रही थी और हर कोई अपने-अपने ज्ञान का प्रदर्शन करने में व्यस्त था। तभी फटे-पुराने कपड़ों में एक विक्षिप्त
Read More10-06-2026
एक सफर -सौ तमाशे
एक सफर - सौ तमाशे मैं समय हूँ... रेलवे स्टेशन में लगे घड़ी का समय। आप मेरे समय को देख कर रेल के टाइम से आने का समय न मिलाए और न ही अपनी घड़ी को मिलाएं, मै रेलवे का समय हूं। मैंने राजाओं का उत्थान-पतन देखा है, साम्राज्यों को बनते-बिगड़ते देखा है, किंतु जो
Read More09-06-2026
नियुक्ति पत्र का महाभारत।
नियुक्ति पत्र का महाभारत। हमारे यहां शिक्षक की नियुक्ति अब नौकरी नहीं रही, यह तपस्या बन चुका है। पहले ऋषि-मुनि जंगल में बैठकर भगवान को प्रसन्न करते थे, आज अभ्यर्थी साइबर कैफे, कोचिंग और कोर्ट-कचहरी के बीच बैठकर नियुक्ति पत्र क के लिए आयोग को प्रसन्न करने
Read More