| ब्लॉग प्रेषक: | हरजीत सिंह मेहरा |
| पद/पेशा: | ऑटो चालक.. |
| प्रेषण दिनांक: | 03-08-2022 |
| उम्र: | 53 वर्ष |
| पता: | मकान नंबर 179,ज्योति मॉडल स्कूल वाली गली,गगनदीप कॉलोनी, भट्टियां बेट,लुधियाना,भारत,पंजाब।पिन नंबर 141 008. |
| मोबाइल नंबर: | 8528996698. |
जंग 1971 की..
🇮🇳 जंग 1971 की...🇮🇳
दशमेश पिता"श्री गुरु गोविंद सिंह जी"ने... नारा यह लगाया था....
सवा लाख से एक लड़ाऊं...
ता गोविंद सिंह नाम कहांऊं...
इस नारे को,भारतीय वीरों ने,
तब सच कर दिखाया था...,
जब... 1971 की जंग में,
दुश्मन को धूल चटाया था।
लोंगे वाला की पोस्ट पे डटे,
सिख रेजीमेंट के जवान थे वो,
पाक सेना के लश्कर से अनभिज्ञ,
बिल्कुल ही अनजान थे वो।
एकसौ बीस की गिनती थी इनकी,
उनकी, छ: सौ की टुकड़ी थी,
मामूली सा असला था यहां...
उनकी तोपों की टोली थी...
धन्य है..मेजर कुलदीप सिंह जी,
जिसने अलख जगाया था..,
एक एक सैनिक के दिल में,
जीत का जज्बा जगाया था।
अपने कुछ जवानों के संग..
दुश्मन को... ललकारा था,
गुरु गोविंद पिता के संग संग,
मां भारती का जयकारा था।
भीड़ जाओ..दस-दस के संग..
साबित करो तुम गोविंद के लाल हो,
एक भी बछड़ा,बचके ना जाए..
यकीन दिलाओ,तुम उनके काल हो।
गोविंद पिता की वो ललकार,
आओ..तुम्हें याद दिलाऊं...
"सवा लाख से एक लड़ाऊं,
तां गोविंद सिंह नाम कहांऊं"..!
फौलादी सीने फड़क उठे थे,
नसों में लावा दौड़ चला था..,
टूट पड़े थे... शेर बन कर,
"जो बोले सो निहाल"बोला था।
चकित कर दिया दुश्मन को सबने,
नानी याद ,कराई थी उनकी,
अपने हौसले की,तोपों के आगे,
तोपें, फीकी पड़ गई थी उनकी।
हमारे चंद वीरों की टुकड़ी ने,
छक्के ....उनके छोड़ाए थे,
चुन-चुन कर संगहार किया,वैरी का,
तिनकों की तरह... उड़ाए थे।
एक इंच बढ़ने न दिया था,उनको,
अपनी,छाती पे गोली खाई थी,
हंसते-हंसते शहीद हो गए,
पर,इज्जत भारत मां की बचाई थी।
लौट गए रकीब 'मुंह की खाकर',
उनकी फजीहत..खूब उड़ाई थी,
"मूंग दल कर उनकी छाती पर",
हमने फतेह ... बुलाई थी।
उन शहीदों की शहादत पर,
आंसू हम ना भरते हैं,
देके सौ तोपों की सलामी...
उनको सलाम हम करते हैं..!!
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
स्वरचित@-
हरजीत सिंह मेहरा
मकान नंबर- 179,
ज्योति मॉडल स्कूल वाली गली
गगनदीप कॉलोनी,भट्टियां बेट
लुधियाना, पंजाब, भारत
फोन- 85289-96698
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