| ब्लॉग प्रेषक: | रोशन कुमार झा |
| पद/पेशा: | शिक्षक, कवि |
| प्रेषण दिनांक: | 31-01-2023 |
| उम्र: | 23 |
| पता: | कोलकाता |
| मोबाइल नंबर: | 6290640716 |
आधुनिक भारत निर्माण में सद्गुरु कबीर का योगदान, बांग्ला अनुवाद
जीवन परिचय
रोशन कुमार झा
विद्यासागर विश्वविद्यालय , मिदनापुर, पश्चिम बंगाल
एम.ए ( हिन्दी ) सेमेस्टर - 3 ,
ग्राम - झोंझी , मधुबनी , मिथिला
बिहार , भारत
कार्यरत - सहायक शिक्षक हिन्दी
बिरला ओपेन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल
रोसड़ा , समस्तीपुर , बिहार , भारत
संपादक - साहित्य एक नज़र 🌅 कोलकाता से प्रकाशित होने वाली दैनिक पत्रिका ( विश्व साहित्य संस्थान )
जन्मतिथि - 13/06/1999
परिवार - स्व. केदार झा , फूल देवी , श्रीष्टू झा , पूनम देवी , अरूण झा , सुधा देवी
निर्मल देवी , मुकेश झा , प्रीति, राहुल , राजन , तनु , पूजा , आनंद , अंशू , राखी , रूपम , आनंदी
2017 - 2021 - निःशुल्क शिक्षा प्रदान -
नेहा , जुली , अणू , रानी , मोनू , धर्मेन्द्र , पूजा
मो - 6290640716
ईमेल - Roshanjha1301@gmail.com
पता - 51/9 कुमार पाड़ा लेन , लिलुआ , हावड़ा
पूर्व छात्र - हिन्दी आनर्स -
सुरेन्द्रनाथ इवनिंग कॉलेज कोलकाता , भारत ( कलकत्ता विश्वविद्यालय )
इग्नू - बीपीपी
रामकृष्ण महाविद्यालय , मधुबनी , बिहार
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ,
दरभंगा, राष्ट्रीय सेवा योजना
वेरिंग स्कॉट्स एवं गुलमर्ग गाइड्स , बामनगाछी
द भारत स्काउट गाइड, पूर्व रेलवे - हावड़ा
31 वी बटालियन एनसीसी , फोर्ट विलियम, कोलकाता - बी
Coy no - 5 , Reg no -WB17SDA112047
N.D.college
नरसिंहा दत्त कॉलेज , सेंट जॉन एम्बूलेंस
हावड़ा , पश्चिम बंगाल
सलकिया विक्रम विद्यालय , घुसड़ी श्री हनुमान जुट मिल हिन्दी हाई स्कूल ,
श्री नेहरू शिक्षा सदन , राजकीय मध्य विद्यालय नरही , राजकीय प्राथमिक विद्यालय झोंझी
अनुवाद के संदर्भ में -
आ. अभिषेक कुमार जी द्वारा रचित पुस्तक आधुनिक
भारत निर्माण में सद्गुण कबीर का योगदान का हमें
बांग्ला भाषा में अनुवाद करने का मौका मिला है ,
हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम कबीरदास जी
जैसे महान समाज सुधारक के बारे में इस पुस्तक के
माध्यम से अपनी क्षेत्रीय जन - जन तक पहुंचाना
चाहते हैं. अनुवाद वह साधन है जो किसी भी भाषा
में लिखी व कही गयी बात का दूसरे भाषा में उसी रूप
में रखा जाता है। अनुवाद के चलते ही आज हम विश्व
को एक गांव समझ रहे है , अनुवाद का एक और मतलब
होता है अपने ज्ञान को दूसरे तक व दूसरे के ज्ञान
को अपने तक पहुंचाना होता है।
धन्यवाद
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
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