| ब्लॉग प्रेषक: | राजीव भारद्वाज |
| पद/पेशा: | व्यंगकार |
| प्रेषण दिनांक: | 17-05-2023 |
| उम्र: | 35 |
| पता: | Garhwa, Jharkhand |
| मोबाइल नंबर: | 9006726655 |
सात फेरों के सातों वचन
जहियाँ से बिहार, सरकारी नौकरी में महिला लोग के तैतीस प्रतिशत आरक्षण दिया था, उसी समय करेजा के मजबूत करके आपन मेहरारू के फॉर्म भरवाए थे। हमरा कहीं नहीं हुआ कोई बात नही मेहरारू के कहीं न कहीं तो होइए जायेगा। देखिए एक विभाग का रिजल्ट भी आ गया, दो बरिस पहिले।
ऊ कार्यालय जाने लगी और हम हाउस वाइफ के तर्ज पर होम मेकर बन गए। एक होम मेकर का काम वही होता है जो हाउस वाइफ का होता था। भोर के साढ़े दस बजे का समय हुआ होगा। मेहरारू को दफ्तर रवाना करने के बाद लगे हाथ बरतन धोके थोड़ा धूप देखने के लिए दरवाजा खोल सीढ़ियों पर आराम फरमाने निकलने की सोच ही रहा था कि दरवाजे पर घंटी बजी। कहीं अर्धांगनी दफ्तर से लौट तो नहीं आई! अरे अभी तो झाड़ू पोछा करना बाकी है। सोच रहा था जरा कमर सीधी कर लूँ। फिर लगूँगा। किसी अज्ञात डर से भीतर तक काँप गया। अपने बड़े बुरे दिन चल रहे हैं आजकल भाई साहब! हाय रे स्वार्थी सात जन्म के रिश्ते!
बियाह के समय जे सात वचन दिया और लिया था, ई कलयुग में सब उल्टा हो रहा है।
पहला वचन
पहले फेरे में दुल्हन आगे चलती है और अपने होने वाले जीवनसाथी से ये वचन मांगती है कि जब भी आप जीवन में कोई तीर्थयात्रा, हवन, पूजा या अन्य कोई धर्म कार्य करेंगे तो वो आप मुझे अपने साथ रखेंगे। साथ रहने पर आपकी ठरक से मैं भली भांति परिचित हो जाऊंगी और फिर शुरू होगा, ताना देने का कार्य।
2. दूसरा वचन
दूल्हे से दूसरा वचन दुल्हन लेती है कि मैं जिस तरह से अपने माता पिता का सम्मान करती आयी हूं, और उस सम्मान से अजीज होकर मेरा हाथ आपको सौंपे हैं उसी प्रकार आपके माता पिता और परिजनों को अजीज करूंगी, और आपके घर को विभाजित करूंगी।
तीसरा फेरा
तीसरे फेरे में दुल्हन दूल्हे से ये वचन लेती है कि मैं जीवन की तीनों अवस्थाओं (युवावस्था, प्रौढ़ावस्था, वृद्धावस्था) में आपका साथ निभाउंगी और कभी भी अकेले नहीं छोडूंगी, जीते जी रोज वैतरणी पार कराऊंगी।
4. चौथा वचन
शादी के तीन वचन पति से लेने के बाद चौथे वचन में दूल्हा आगे आता है, इसके बाद दुल्हन पति से वचन मांगते हुए कहती है कि अब तक आप घर-परिवार की चिंता से मुक्त थे, लेकिन अब नही। अब रोज आपके माथा पर सवार होकर आपका जीना दुर्भर करूंगी। विवाह के बाद परिवार की जरूरतों को पूरा करने का दायित्व आप पर होगा, और मैं सास बहू सीरियल के हर एपिसोड को इंजॉय करूंगी।
5. पांचवां वचन
पांचवे वचन में कन्या अपने अधिकारों की बात करते हुए दूल्हे से वचन मांगती है कि घर के कार्यों में, विवाह आदि, लेन-देन और किसी अन्य चीज पर खर्चा करते समय अगर आप मेरी भी राय लिया करेंगे, तो मैं सदैव आपके साथ रहूंगी। मैं प्रधानमंत्री और आप राज्यपाल और राष्ट्रपति सरीखे सिर्फ हस्ताक्षरी रहेंगे।
6. छठा वचन
शादी के छठे फेरे में दुल्हन दूल्हे से ये वचन मांगती है कि अगर मैं अपनी सखियों, परिवार या अन्य लोगों के बीच बैठी हूं, और लेटेस्ट फैशन की बात चल रही हो या गहनों की बात चल रही हो तो आप कभी मेरा सामाजिक रूप से अपमान नहीं करेंगे, और यथाशीघ्र तमाम चीजें मुझे लाकर देंगे।
7. सातवां वचन
शादी के आखिरी यानी सातवें फेरे में दुल्हन कहती है कि आप पति-पत्नी के आपसी प्रेम का भागीदार किसी अन्य को नहीं बनायेंगे। दुनिया की तमाम स्त्री को दीदी कह कर संबोधित करेंगे। सिनेमा नही देखेंगे, पराई स्त्री को देख कर सुमंगल और चालीसा का पाठ करेंगे।
सात वचन के बाद मैने फैसला किया की मैं पुरुषरूपी महिला बन कर रिश्ते को निभाऊंगा। और पत्नी से नौकरी करवाऊंगा।
प्रारंभ में पाक कला में मुझे गरम पानी करने ही आता था, लेकिन धीरे धीरे रोटी, भुजिया और लउका तथा नेनुआ के तरकारी बनाने में महारत हासिल कर लिए। बरतन तो इतनी शिद्दत से साफ करता हूं की मत पूछिए। मुझ जैसे मर्द को यदि बरतन साफ करना है तो बीबी का चेहरा सामने रखिए और जब गुस्सा चरम पर हो तो हाथ में एक शक्ति आयेगी और बरतन में चमक।
मेहरारू जब कार्यालय से आए तो मसाला वाली चाय से उसका स्वागत कीजिए, फिर देखिए कैसे इस मृत्युलोक में ही आपको स्वर्ग का मजा मिलेगा। यदि टेलीविजन पर क्रिकेट चल रहा हो और टीम न्यूजीलैंड और इंग्लैंड खेल रहा हो तो इस समय यदि आपकी श्रीमती जी बैट्समैन को राहुल द्रविड समझती है तो आप भी हां में हां मिलाके बोलिए की हां राहुल द्रविड न्यूजीलैंड के तरफ से ही खेलता है।
चुकी आपकी पत्नी कमाऊ है तो कुछ भी बोलेगी, उसे स्वीकार कीजिए। जीवन धन्य हो जायेगा, बाकी सब फर्स्ट क्लास है।
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