| ब्लॉग प्रेषक: | नन्दलाल मणि त्रिपाठी |
| पद/पेशा: | सेवा निबृत्त प्रचार्य |
| प्रेषण दिनांक: | 21-08-2023 |
| उम्र: | 60 वर्ष |
| पता: | C-159 दिव्य नगर कॉलोनी पोस्ट- खोराबर जनपद- गोरखपुर उत्तर प्रदेश -273010 |
| मोबाइल नंबर: | 09889621993 |
धर्म ज्योतिष वास्तु अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन
दिनांक 4 एव 5 अगस्त -2023 को बुटवल में आयोजित अंतराष्ट्रीय धर्म ज्योतिष एव वास्तु सममेलन कि वास्तविकता और मैं-----
नेपाल जो कभी भी औपनिवेश वाद का शिकार नही रहा किसी ने भी नेपाल पर शासन करने या आक्रमण करने का दुस्साहस नही जुटाया।
आम लोंगो का मत है कि नेपाल कि भौगोलिक परिस्थियाँ इतनी दुरूह है कि उंसे जीतना एव शासन करना कठिन कार्य दिवा स्वप्न जैसा है ।
मैं अभी 4 एव 5 अगस्त को नेपाल अंतराष्ट्रीय धर्म ज्योतिष एव वास्तु सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचा मेरा सम्मेलन में भाग लेना एक संयोग ही था नेपाल के सम्मानित वरिष्ठतम साहित्यकार डॉ पंथी जी जो गजल से अलग नई साहित्यिक विधा चारु के संवाहक वाहक एव आढ़ार है ने विराट नगर आयोजित अपने कार्यक्रमो में मुझे आमंत्रित किया मैंने उन्हें अपने कार्यक्रम में न उपस्थित होने के कारणों को स्प्ष्ट किया तब जाकर उन्होंने अपने मित्रों से बुटवल में आयोजित अंतराष्ट्रीय धर्म ज्योतिष एव वास्तु दो दिवसीय आयोजन में आमंत्रित करने हेतु अनुरोध किया जिसके कारण डॉ घनश्याम परिश्रमी एव सुंदर भंडारी जी एव जनार्दन जी द्वारा मुझे आधे अधूरे मन से आमंत्रित तो कर दिया गया आधे अधूरे मन इसलिए क्योकि बुटवल में आयोजित अंतराष्ट्रीय धर्म ज्योतिष वास्तु सम्मेलन के आयोजन कर्ताओं को मेरे विषय मे कोई जानकारी नही थी अतः उनके द्वारा भावनात्मक दबाव में मुझे आमंत्रित यह मानकर कर दिया की पंथी जी की बात रह जायेगी ।
मुझे जाने से पूर्व ही कुछ सत्यता से अवगत आयोजन समिति को आयोजित सम्मेलन के विषयों पर नेपाल के परिपेक्ष्य में कराते हुए अपना परिचय अवश्य प्रेषित करना चाहिए था जिससे कि आयोजन स्थल पर पहुचने से पूर्व आयोजन समिति भवनाओ से अलग वास्तविकता से परिचित रहती और मेरे लिए और भी प्रासंगिक और महत्वपूर्ण होता यह सममेलन जो मेरा उद्देश्य था ।
वैसे भी आयोजित सम्मेलन कि भव्यता अनुशासन व्यवस्था एव संस्कृति आचरण कि जितनी भी प्रशंसा कि जाय शब्द कम पड़ सकते है इस सर्वोत्तम आयोजन के लिये आयोजन समिति को साधुवाद एव बधाई शुभकनाये जनार्दन जी सुंदर भंडारी जी एव उनकी जगरुग समर्पित सम्पूर्ण टीम कि हृदयतल से भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए शुभकनाये एव बधाई देता हूँ।
आयोजन में जाने से पूर्व दो प्रमुख बातें साझा करना चाहता था।
1- भारत के सम्माननित योग गुरु रामदेव जी महाराज जिनके खास नेपाल के ही बालकृष्ण जी है अपने जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे थे भारतीय संसद में तेज तर्रार नेत्री बिन्दा करात जी ने उनके द्वारा दवाओं में हड्डी का चूरा मिलाने का आरोप लगाया फिर राम देव जी ने अन्ना हज़ारे के भ्रष्टाचार आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा इसलिये लिया कि आंदोलन के दबाव में शायद उनकी परेशानियों का हल निकल जाए फिर उन्हें लड़कियों का सलवार कुर्ता पहनकर आंदोलन स्थल से पलायन करना पड़ा एव उनके व्यवसायिक साम्राज्य में जाने कितने आर्थिक जांच शुरू हुए ।
अंत मे रामदेव जी ने 2012 में राजनीतिक दल बनाकर राजनीतिक कवच धारण करने कि घोषणा कि मुझे मालूम था कि स्वामी रामदेव जी मूल रूप से बहुत परिश्रमी साधारण व्यक्तित्व में असाधारण की लालसा के व्यक्तित्व है औऱ उन्होंने बड़े मेहनत से लगभग दो हज़ार करोड़ का व्यवसायिक साम्राज्य खड़ा किया है जिसके लिए उनके द्वारा बहुत संघर्ष एव चुनौतियों का सामना करते हुए अनेक उतार चढ़ाव के रास्तों कि नाम गुमनाम यात्रा कि गयी है ।
मैं रामदेव जी से कभी नही मिला सिर्फ समाचार माध्यमो से ही जानता एव अन्ना हज़ारे के आंदोलन में उनके कुछ भाषण सुने थे जब मुझे यह मालूम हुआ कि रामदेव जी राजनीतिक दल बनाकर अपने संघर्ष परिश्रम से प्राप्त उपलब्धियों को ही बारूद बनाने पर आमादा है तब मैंने उन्हें 12 पृष्ट की एक ज्योतिष गणना उनके भविष्य को संदर्भित करते प्रेषित सभी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमो एव स्पीड पोस्ट द्वारा की जिसमे मैंने जयगुरुदेव एक दूसरे महात्मा का संदर्भ भी दिया था एव जिसका निष्कर्ष था महाराज रामदेव जी आपके जीवन मे राजनीति अभिशाप होगी व्यवसास आपके बैभव यश का मार्ग होगा रामदेव जी ने ध्यान दिया नही दिया मेरा विषय यह नही था मेरा विषय सिर्फ यह था कि उपयोगी प्रतिभा को समाज समय राष्ट्र के लिए सतत रखने हेतु अपनी जानकारी के अनुसार जीवंत रखना।
आज दुनियां भी देख रही है अंतराष्ट्रीय स्तर पर योग को मान्यता भारत को गौरवशाली बनाने में रामदेव जी के मूल योगदान को कभी भी नही भुलाया जा सकता है और उनके व्यवसायिक साम्राज्य कि बात तो किसी से नही छुपी है अब भी कभी कभार बड़बोलेपन कि अहं मानसिकता से प्रभवित रामदेव जी।
जिसकी भी गणना करता हूँ उसकी पल प्रहर कि सच्चाई मेरे पास सुरक्षित रहती है और सार्वजनिक करने योग्य ही सार्वजनिक क्ररता हूँ।।
2- जब से नर्गिस दत्त जी कि मृत्यु कैंसर जैसी बीमारी से हुई तब से अभिजात्य वर्ग विशेषकर फिल्मी जगत के लोग शक होने पर भी मौत की कल्पना से थर्रा जाते है जबकि उनके पास आधुनिकतम जितने भी उच्चतम सर्वोत्तम उपलब्ध चिकित्सा है उंसे प्राप्त करने कि क्षमता होती है।
इसी प्रकार नेपाल की जानी मानी राजनीतिक परिवार कि बेटी एव भारतीय सिनेमा कि मशहूर अदाकारा मनीषा कोईराला को भी केंसर जैसी भयावह बीमारी से झूझना पड़ा तब भी जब सभी लोग शुभकनाये दे रहे थे मैंने उनके दीर्घ जीवन कि चुनौती उनके सभी को बताई थी मैं मनीषा कोईराला से कभी नही मिला सिर्फ किसी प्रचार में ही देखा होगा फिल्में मैं देखता नही।
उपरोक्त दो मेरी ज्योतिष गणनाएं जो कही न कही नेपाल से सम्बंधित है मुझे बुटवल अंतराष्ट्रीय धर्म ज्योतिष वास्तु सम्मेलन में सम्मिलित होने से पूर्व साझा करनी चाहिए थी खैर देर आये दुरुस्त आए ।
मैने आयोजन के अपने उद्बोधन में कहा था मैं बेमतलब कि ही भविष्यवाणी करता रहता हूँ सिर्फ इसलिये समाज राष्ट्र युग कि मर्यदा गरिमा उसके निर्धारण के अनुसार चलती रहे निर्वाध और ज्योतिष विज्ञान कि सर्वोच्च स्वीकार्यता को वैज्ञानिक प्रमाणिकता का स्वाभिमान प्राप्त रहे मैंने कभी भी किसी से कोई धनराशि नही ली चाहूं तो व्यवसायी बनकर ज्योतिष का व्यवसाय कर सकता हूँ जो सरल भी है एव अकूत संसाधनों कि सम्भावना लेकिन मेरे लिये सम्भव ही नही है।
बुटवल के अंतराष्ट्रीय धर्म ज्योतिष सम्मेलन दिनाँक 4 एव 5 अगस्त -2023 को एक महत्त्वपूर्ण तथ्य जो बहुत प्रभावी एव अनुकरणीय अविस्मरणीय सम्पूर्ण मनावता के लिए है नेपाल का सत्य सनातन समाज ही ऐसा कारण कारक है जिसकी जागरूकता निष्ठा समर्पण सोच ने समाज को एकात्म हिंदुत्व की प्रेरणा दी यही वह कारण है कि अविभाजित नेपाली समाज के साहस शौर्य समझ एकात्म बोध के भय से ही किसी भी आक्रांता द्वारा नेपाल को औपनिवेशिक भय भ्रम के जाल में नही फंसाया जा सका भौगोलिक परिस्थितियों के कारण नही क्योकि बहुत दुरूह भौगोलिक परिस्थितियों के द्वीप तक गुलामी एव औपनिवेशिकता के दंश के शिकार हुए है।
मैं पुनः शानदार जानदार अतिउत्तम सर्वोत्तम अनुशासित सारगर्भित विष्योन्मुख आयोजन के लिए आयोजन से जुड़े सभी विद्वत जन एव सहयोगियों का हृदय से आभार अभिनंदन करते हुये साधुवाद देता हूँ।।
जय नेपाल जय भारत
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश
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