| ब्लॉग प्रेषक: | स्नेहा सिंह |
| पद/पेशा: | Lecturer |
| प्रेषण दिनांक: | 28-04-2022 |
| उम्र: | 30 |
| पता: | Lucknow |
| मोबाइल नंबर: | 9453749772 |
गरीब खुद शोषित या शोषण का शिकार
।। गरीब का शोषण क्यूं
या,इसके लिए खुद गरीब हैं जिम्मेवार ।।
# गरीबी कोई लाचारी नही
और गरीब कोई गलीच नही
फिर,
अक्सर, क्यूं शोषण का शिकार होता हैं ।
सच्चा और सीधा इंसान ।
क्या,जिम्मेदार हैं उसकी परिस्थितियां या
उसका खुद का खुद वास्ते!
व्यवहार ।।
"" हमारे देश में शोषण,शोषित और लाचारी
कोई बीमारी नहीं
इसके लिए,खुद कुसुरवार हैं वो इंसान
जो,जान बूझकर होता हैं खुद शिकार ""
गरीबी,जन्मजात हो सकती हैं ।
पर,उसके संग ज़िंदगी गुजारना हमारी बेवकूफी
गर,
आर्थिक तंगी सताए तो उसका हल निकाला जा सकता हैं ।
पर, गर हो कोई मानसिक तौर पर गरीब या अस्वस्थ हो
तो, हुजूर
उसका इलाज या स्वस्थ होना असम्भव सा ।।
ऊंचे ऊंचे औधे पर विराजित होना
और अकडकर चलना । ये,महा पुरुषों की निशानी हैं ।
आज के चलन में,
और मध्यम और छोटे वर्ग के इंसानों के साथ
दुर्व्यवहार और कम आकना उनको
ये,हैं उनकी मानसिक दुर्बलता की निशानी
याद रखिए,
कोई पैदा गरीब हो सकता हैं ।
पर ,
पूरी उम्र वास्ते के लिए नहीं ।।
जरा विचार कीजिए,
स्नेहा कृति
(साहित्यकार, पर्यावरण प्रेमी और राष्टीय सह संयोजक)
कानपुर उत्तर प्रदेश
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
12-10-2026
पावन माँ गंगा का मानव जीवन के विभिन्न आयामों में महत्व।
महाराजा सगर ने एक बार अश्वमेघ यज्ञ करने का विचार किया और अश्वमेध का एक घोड़ा छोड़ा था। वह घोड़ा देवराज इंद्र ने चुरा लिया और महान ऋषि कपिल मुनि के आश्रम में उसे छुपा दिया। महाराजा सगर के 60,000 पुत्रों ने घोड़े को ढूंढते-ढूंढते महर्षि कपिल मुनि के आश्रम तक
Read More12-10-2026
बारिश और पकोड़े
क्या नाता है बारिश और पकोड़ों का?बादलों ने आवाज़ दी, बादल छा गए, अंदर से आवाज़ आई,आज पकोड़े मिल जाते तो कितना अच्छा होता। बाहर ठंडी हवा और अंदर गरम गरम पकोड़े, सोचकर ही मन ख़ुशी से झूम उठा। बारिश भले देर से आए,पकोड़े तो बनने ही है।
Read More10-10-2026
उत्तर-दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह का सफल समापन, 18 राज्यों की 72 विभूतियाँ सम्मानित
केरल के पलक्कड़ जिले स्थित हार्टफुलनेस स्पिरिचुअल रिट्रीट सेंटर, मलमपुझा में आयोजित चार दिवसीय मलयगिरि आध्यात्मिक चेतना शिविर सह उत्तर भारत-दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह का सफलतापूर्वक समापन हुआ। साहित्यकार डॉ. अभिषेक कुमार के नेतृत्व में...
Read More18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More