| ब्लॉग प्रेषक: | स्नेहा सिंह |
| पद/पेशा: | Lecturer |
| प्रेषण दिनांक: | 26-06-2022 |
| उम्र: | 29 |
| पता: | लखनऊ |
| मोबाइल नंबर: | 9453749772 |
धर्म और आस्था
।। धर्म और आस्था ।।
जोड़ता हैं धर्म हमें
इंसानियत,सच और ईमान से
जातियों की सीमा
और अमीरी,गरीबी में भेदभाव मिटा
एकता और प्रेम के सूत्र में बांध
हर इंसान पर मिटना सीखाता हैं
ये धर्म ।।
जो,
झुककर अदब से जीना बतलाए
वही धर्म हैं
जो,
मोहब्बत भर सीने में
एक कमजोर हाथ को थामे वही धर्म की मर्यादा हैं ।।
औरों के दर्द का
जो कोई हो जाएं मरहम सा
धर्म, कभी कभी साहब
इस वजह से भी परिभाषित हो जाता हैं ।।
सच्ची नीयत और निष्कपट मन से
जो,
सौपू मैं खुद को इस कायनात के मालिक को
शायद!
कही जाकर,तब पूरा समर्पण हो जाएं
मेरी आस्था के पराकाष्ठा का हर भाग ।।
❤️
स्नेहा की कलम से
साहित्यकार, पर्यावरण प्रेमी और राष्टीय सह संयोजक
कानपुर उत्तर प्रदेश
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
12-10-2026
पावन माँ गंगा का मानव जीवन के विभिन्न आयामों में महत्व।
महाराजा सगर ने एक बार अश्वमेघ यज्ञ करने का विचार किया और अश्वमेध का एक घोड़ा छोड़ा था। वह घोड़ा देवराज इंद्र ने चुरा लिया और महान ऋषि कपिल मुनि के आश्रम में उसे छुपा दिया। महाराजा सगर के 60,000 पुत्रों ने घोड़े को ढूंढते-ढूंढते महर्षि कपिल मुनि के आश्रम तक
Read More12-10-2026
बारिश और पकोड़े
क्या नाता है बारिश और पकोड़ों का?बादलों ने आवाज़ दी, बादल छा गए, अंदर से आवाज़ आई,आज पकोड़े मिल जाते तो कितना अच्छा होता। बाहर ठंडी हवा और अंदर गरम गरम पकोड़े, सोचकर ही मन ख़ुशी से झूम उठा। बारिश भले देर से आए,पकोड़े तो बनने ही है।
Read More10-10-2026
उत्तर-दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह का सफल समापन, 18 राज्यों की 72 विभूतियाँ सम्मानित
केरल के पलक्कड़ जिले स्थित हार्टफुलनेस स्पिरिचुअल रिट्रीट सेंटर, मलमपुझा में आयोजित चार दिवसीय मलयगिरि आध्यात्मिक चेतना शिविर सह उत्तर भारत-दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह का सफलतापूर्वक समापन हुआ। साहित्यकार डॉ. अभिषेक कुमार के नेतृत्व में...
Read More18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More