| ब्लॉग प्रेषक: | सुधीर श्रीवास्तव |
| पद/पेशा: | |
| प्रेषण दिनांक: | 12-03-2022 |
| उम्र: | 52 |
| पता: | गोण्डा, उत्तर प्रदेश |
| मोबाइल नंबर: | 8118285921 |
युद्ध के बाद सन्नाटा
युद्ध के बाद सन्नाटा
****
युद्ध कोई भी है
उसकी परिणति एक ही होती है,
जहां जीवन महकता था
वहां खामोशियां सजती हैं,
हर घर, हर परिवार ही नहीं
राष्ट्र और समाज भी झेलता है दंश युद्ध का
वीरानियों के बीच सिर्फ क्रंदन गूंजता है।
अनाथ बच्चे, विधवा महिलाएं
उजाड़ वियाबान घर
चीख चीखकर युद्ध की कहानी कह रहे हैं
क्या मिला इस युद्ध से हर किसी से पूछते हैं।
कारण कुछ भी हो,कैसी भी विवशता हो
पर ऐसा तो नहीं,जब हल केवल युद्ध हो।
कमजोर हो या ताकतवर खोना दोनों का पड़ता है,
युद्ध में फंसकर सिसकना जनता को ही पड़ता है।
शिक्षा, कला, स्वास्थ्य संस्कृति झुलस जाती है,
व्यक्ति की बात छोड़ भी दें तो
राष्ट्र की खुशहाली बहुत पीछे हो जाती है।
युद्ध के बाद का सन्नाटा सबको डराता है
युद्ध के बाद पश्चाताप से भी
जो खो चुका वो वापस तो नहीं आता है,
पर मुफ्त में डरावना सन्नाटा
कहर बन फिजा में जरुर मंडराता है,
जीवन नासूर सा बन जाता है।
------------------------------------------------------------------------
सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा उत्तर प्रदेश
८११५२८५९२१
© मौलिक, स्वरचित
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
12-10-2026
पावन माँ गंगा का मानव जीवन के विभिन्न आयामों में महत्व।
महाराजा सगर ने एक बार अश्वमेघ यज्ञ करने का विचार किया और अश्वमेध का एक घोड़ा छोड़ा था। वह घोड़ा देवराज इंद्र ने चुरा लिया और महान ऋषि कपिल मुनि के आश्रम में उसे छुपा दिया। महाराजा सगर के 60,000 पुत्रों ने घोड़े को ढूंढते-ढूंढते महर्षि कपिल मुनि के आश्रम तक
Read More12-10-2026
बारिश और पकोड़े
क्या नाता है बारिश और पकोड़ों का?बादलों ने आवाज़ दी, बादल छा गए, अंदर से आवाज़ आई,आज पकोड़े मिल जाते तो कितना अच्छा होता। बाहर ठंडी हवा और अंदर गरम गरम पकोड़े, सोचकर ही मन ख़ुशी से झूम उठा। बारिश भले देर से आए,पकोड़े तो बनने ही है।
Read More10-10-2026
उत्तर-दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह का सफल समापन, 18 राज्यों की 72 विभूतियाँ सम्मानित
केरल के पलक्कड़ जिले स्थित हार्टफुलनेस स्पिरिचुअल रिट्रीट सेंटर, मलमपुझा में आयोजित चार दिवसीय मलयगिरि आध्यात्मिक चेतना शिविर सह उत्तर भारत-दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह का सफलतापूर्वक समापन हुआ। साहित्यकार डॉ. अभिषेक कुमार के नेतृत्व में...
Read More18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More