| ब्लॉग प्रेषक: | Vaibhav Kant Adarsh |
| पद/पेशा: | समाज सेवा |
| प्रेषण दिनांक: | 20-04-2026 |
| उम्र: | 40 |
| पता: | Daltonganj, Jharkhand |
| मोबाइल नंबर: | 9431136033 |
बहुत बहुत बहुत सुंदर।
कार्यालय में ड्रेस कोड लागु होना था, सभी कनीय बंधु बाँधवों को ड्रेस सिला लेने को कहा गया। एक महिला से कहा गया की आप नई ड्रेस के साथ सैंपल के तौर पर एक चित्र भेजें। ताकि उससे बाकियों का अंदाजा लग जाये। एक महिला सहकर्मी ने तस्वीर इनबॉक्स में चिपकाई।—बस, उँगलियाँ फिसलीं और निकल गया संदेश:
“बहुत बहुत बहुत बहुत सुंदर।”
अब उन्हें क्या पता था कि ये चार “बहुत” मिलकर चारों दिशाओं में तूफ़ान खड़ा कर देंगे!
सन्देश अर्धगिनी के हत्थे चढ़ गयी। अब माहौल ऐसा जैसे संसद का विशेष सत्र चल रहा हो—अध्यक्ष महोदया (पत्नी) पूरी तैयारी में, और आरोपी (पति) कटघरे में।
सबूत पेश हुआ—व्हाट्सऐप का स्क्रीनशॉट!
पत्नी बोलीं, “चार-चार ‘बहुत’? एक ‘बहुत’ में क्या कमी थी?”
मित्र बेचारे समझाने लगे—
“अरे, ये तो बस शिष्टाचार है, आदत से मजबूर हूँ…”
पर यहाँ तर्क नहीं, भावनाएँ चल रही थीं।
मामला यहीं नहीं रुका। फोन उठा और रिश्तेदारों की पंचायत शुरू—
“आपके जीजाजी/भाईसाहब तो बड़े ही ‘बहुत बहुत बहुत बहुत’ वाले निकले!” मित्र हमारे मंद मंद मुस्काते पत्नी को निहार रहे थे। बात चरित्र की हो रही थी। और वो ठहरे चरित्रवान्। पर गलती उनसे बहोत पहले हो गयी थी। इसी मोहतरमा से प्रेम विवाह कर के। तमाम तिकडम भिड़ा के प्रेम को अंजाम दिया था दोनों ने। अब वही भूतकाल तिकडमबाज़ी वर्तमान व भविष्य के उनके पाक् साफ़ होने की तमाम संभावनाओं की इतिश्री कर चूका था। बेचारे दुहाई देते रहे।
बेचारे मित्र ने फोन बंद किया तो सोचा, अब शांति मिलेगी।
पर पत्नी ने तो टेक्नोलॉजी में पीएचडी कर रखी थी—
फोनबुक Gmail से निकली, और कॉल्स का दूसरा राउंड शुरू!
अब मित्र का हाल ऐसा है कि “बहुत बहुत बहुत बहुत सुंदर” लिखने से पहले वो सौ बार सोचते हैं,
और घर में तो सिर्फ एक ही वाक्य सुरक्षित है—
“आप ही सबसे सुंदर हैं… और यही आख़िरी सच्चाई है!”
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
12-10-2026
पावन माँ गंगा का मानव जीवन के विभिन्न आयामों में महत्व।
महाराजा सगर ने एक बार अश्वमेघ यज्ञ करने का विचार किया और अश्वमेध का एक घोड़ा छोड़ा था। वह घोड़ा देवराज इंद्र ने चुरा लिया और महान ऋषि कपिल मुनि के आश्रम में उसे छुपा दिया। महाराजा सगर के 60,000 पुत्रों ने घोड़े को ढूंढते-ढूंढते महर्षि कपिल मुनि के आश्रम तक
Read More12-10-2026
बारिश और पकोड़े
क्या नाता है बारिश और पकोड़ों का?बादलों ने आवाज़ दी, बादल छा गए, अंदर से आवाज़ आई,आज पकोड़े मिल जाते तो कितना अच्छा होता। बाहर ठंडी हवा और अंदर गरम गरम पकोड़े, सोचकर ही मन ख़ुशी से झूम उठा। बारिश भले देर से आए,पकोड़े तो बनने ही है।
Read More10-10-2026
उत्तर-दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह का सफल समापन, 18 राज्यों की 72 विभूतियाँ सम्मानित
केरल के पलक्कड़ जिले स्थित हार्टफुलनेस स्पिरिचुअल रिट्रीट सेंटर, मलमपुझा में आयोजित चार दिवसीय मलयगिरि आध्यात्मिक चेतना शिविर सह उत्तर भारत-दक्षिण भारत संस्कृति मिलन एवं सम्मान समारोह का सफलतापूर्वक समापन हुआ। साहित्यकार डॉ. अभिषेक कुमार के नेतृत्व में...
Read More18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More