| ब्लॉग प्रेषक: | अभिषेक कुमार |
| पद/पेशा: | साहित्यकार, सामुदाय सेवी व प्रकृति प्रेमी, ब्लॉक मिशन प्रबंधक UP Gov. |
| प्रेषण दिनांक: | 10-05-2022 |
| उम्र: | 32 |
| पता: | आजमगढ़, उत्तर प्रदेश |
| मोबाइल नंबर: | 9472351693 |
नेपाल का जानकी मंदिर जहां हुआ था माता सीता का स्वयंवर, इसे क्यों कहते हैं नौलखा मंदिर
नेपाल का जानकी मंदिर जहां हुआ था माता सीता का स्वयंवर, इसे क्यों कहते हैं नौलखा मंदिर
स्रोत- सोशल मीडिया से
जानकी मंदिर नेपाल के काठमांडू शहर से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण राजपुताना महारानी वृषभभानु कुमारी ने 1911 ईस्वी में करवाया था। मंदिर के निर्माण में करीब 9 लाख रूपए लगे थे। इसलिए मंदिर को नौलखा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।
विवाह मंडप को लेकर है खास मान्यता
मंदिर के प्रांगन में विवाह मंडप स्थित है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यही वह मंडप है जहां पर माता सीता और भगवान राम का विवाह हुआ था। इस विवाह मंडप के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं, इस मंडप को लेकर मान्यता है कि यहां पर आने से सुहाग की उम्र लंबी होती है। आसपास के लोग विवाह के अवसर पर यहां से सिंदूर लेकर जाते हैं।
54 साल से लगातार चल रहा है अखंड कीर्तन
आपको बता दें माता जानकी के इस मंदिर में 1967 से यानि 54 साल से लगातार भगवान राम और माता सीता का जाप तथा अखंड कीर्तन चल रहा है।
रामायणकाल में बैसाख माह की नवमी तिथि को मिथिला के राजा जनक के यहां माता सीता का जन्म हुआ था। उनकी राजधानी का नाम जनकपुर है, आपको बता दें जनकपुर नेपाल का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। इस मंदिर की कलाकृति बेहद अद्भुत है। माता सीता को समर्पित इस मंदिर को ऐतिहासिक स्थल भी माना जाता है, जहां माता सीता का जन्म हुआ और उनके विवाह के बाद यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम चंद्र जी का ससुराल बना।
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