| ब्लॉग प्रेषक: | कमला सिंह तरकस |
| पद/पेशा: | साहित्यकार, कवि एवं समाज सेवी |
| प्रेषण दिनांक: | 16-05-2022 |
| उम्र: | 10/07/1956 |
| पता: | चकिया, पत्रालय-पल्थी,जिला-आजमगढ़ उत्तरप्रदेश |
| मोबाइल नंबर: | 9450755907 |
लेखक कमला सिंह तरकस जी का जीवन परिचय
नाम-कमला सिंह "तरकश"
जन्मस्थान.-चकिया, पत्रालय-पल्थी,जिला-आजमगढ़ उत्तरप्रदेश पिन कोड 223224
मो.9450755907
ई मेल-janseva_ashram@yahoo.com
पिता का नाम -चिन्तामणि सिंह
माता का नाम-लीलावती
जन्मतिथि 10जुलाई1965
शिक्षा-
प्राथमिक शिक्षा-प्राथमिक विद्यालय पल्थी
इंटरमीडिएट-पुष्पनगर
बीए-चंडेश्वर
एम ए -डीएवी डिग्री कालेज आजमगढ़.
एल एल बी-शिब्ली नेशनल कालेज आजमगढ़ (अपूर्ण)
जिला संयोजक-अभाविप
सामाजिक कार्यकर्ता प्रशिक्षण-विकासभारती, विशुनपुर, गुमला, झारखंड.
सचिव/निदेशक -जनसेवाश्रम (स्वैक्षिक संस्था)
प्रबंधक -अशोकभगत जुनियर हाईस्कूल,बरदह, आजमगढ़
यूट्यूब चैनल-thetarkash
रचनाएं- गीत,ग़ज़ल,कहानी, खंडकाव्य,प्रबंधकाव्य,(आशुकविताएं) रिपोर्ताज, साक्षात्कार.आकाशवाणी,दूरदर्शन से काव्यपाठ.
समतावादी चरित्र निर्माण हेतु प्रतिबद्ध.
पाखंड मुक्त, वैज्ञानिक दृष्टिकोण युक्त समाज, राष्ट्रीय एकता हेतु
प्रयत्नशील.
संयोजक- प्रबुद्ध शुद्ध क्षत्रिय विकास आंदोलन
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
Read More18-06-2026
विक्षिप्त हमारी संवेदना।
गर्मी की एक चिलचिलाती सुबह थी। मैं रोज़ की तरह मोहल्ले की चाय की दुकान पर खड़ा चाय की चुस्कियाँ ले रहा था। दुकान पर लोगों की भीड़ थी, राजनीति पर बहस चल रही थी और हर कोई अपने-अपने ज्ञान का प्रदर्शन करने में व्यस्त था। तभी फटे-पुराने कपड़ों में एक विक्षिप्त
Read More10-06-2026
एक सफर -सौ तमाशे
एक सफर - सौ तमाशे मैं समय हूँ... रेलवे स्टेशन में लगे घड़ी का समय। आप मेरे समय को देख कर रेल के टाइम से आने का समय न मिलाए और न ही अपनी घड़ी को मिलाएं, मै रेलवे का समय हूं। मैंने राजाओं का उत्थान-पतन देखा है, साम्राज्यों को बनते-बिगड़ते देखा है, किंतु जो
Read More09-06-2026
नियुक्ति पत्र का महाभारत।
नियुक्ति पत्र का महाभारत। हमारे यहां शिक्षक की नियुक्ति अब नौकरी नहीं रही, यह तपस्या बन चुका है। पहले ऋषि-मुनि जंगल में बैठकर भगवान को प्रसन्न करते थे, आज अभ्यर्थी साइबर कैफे, कोचिंग और कोर्ट-कचहरी के बीच बैठकर नियुक्ति पत्र क के लिए आयोग को प्रसन्न करने
Read More