| ब्लॉग प्रेषक: | शबनम खातून |
| पद/पेशा: | General Nursing and Midwifery |
| प्रेषण दिनांक: | 18-01-2023 |
| उम्र: | 25 |
| पता: | Chainpur palamu jharkhand |
| मोबाइल नंबर: | 6200038525 |
गर्भावस्था में सीढ़ी चढ़ना - सुरक्षित या असुरक्षित
महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी का समय बहुत ही खास होता है। इस दौरान महिलाओं को अपने साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे का भी खास ध्यान रखना पड़ता है। प्रेग्नेंसी के दौरान दोस्त, पड़ोसी, रिश्तेदार और कई लोग महिलाओं को पॉजिटिव रहने की सलाह देते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं घर के बड़े-बुजुर्ग इस दौरान महिलाओं को सीढ़ियां चढ़ने से भी मना कर देते हैं। उनका मानना है कि प्रेग्नेंसी में सीढ़ियां चढ़ने से महिलाओं को थकान महसूस हो सकती है। कई लोगों का यह भी मानना है कि सीढ़ियां चढ़ने से महिलाओं की सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। महिलाएं अक्सर इस बात को लेकर कंफ्यूज रहती हैं कि इस दौरान सीढ़ियां चढ़नी चाहिए या नहीं। तो चलिए आपको बताते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान सीढ़ियां चढ़नी चाहिए या नहीं...
क्या प्रेग्नेंसी में सीढ़ियां चढ़ना ठीक है?
प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में बॉडी में संतुलन बना रहता है। इसलिए इस दौरान सीढ़ियां चढ़ना सुरक्षित माना जाता है। अगर प्रेग्नेंट महिलाएं शुरुआत की 2-3 महीने में सीढ़ियां चढ़ रही हैं तो इससे उनका शरीर भी हैल्दी रहता है। डॉक्टर्स के अनुसार, प्रेग्नेंसी में महिलाओं को हल्का-फुल्का व्यायाम करना चाहिए। सीढ़ियां चढ़ना भी एक तरह की एक्सरसाइज ही मानी जाती है। इसलिए शुरुआती दौर में सीढ़ियां चढ़ना सुरक्षित माना जाता है।
प्रेग्नेंसी में सीढ़ियां चढ़ने से क्या-क्या फायदे होते हैं?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि गर्भावस्था के शुरुआती 2-3 महीनों में महिलाएं सीढ़ियां चढ़ती हैं तो उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी नहीं होती है। सीढ़ियां चढ़ने से जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है। शोध के अनुसार, यदि महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सीढ़ियां चढ़े तो इससे उनके स्वास्थ्य पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है।
प्रेग्नेंसी में सीढ़ियां चढ़ने के नुकसान
. प्रेग्नेंसी के चौथे या पांचवे महीने के बाद महिलाओं का शरीर भारी होने लगता है। ऐसे में सीढ़ियां चढ़ते समय गिरने और फिसलने का भी डर लगा रहता है। . इस दौरान महिलाओं का शरीर थका हुआ महसूस करता है, जिसके कारण जब भी महिलाएं सीढ़ियां चढ़ती हैं तो इससे उन्हें सांस लेने की समस्या, सांस फूलना, अचानक से बहुत ही तेज प्यास जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। . इसके अलावा यदि प्रेग्नेंट महिलाएं सीढ़ियां चढ़ती हैं तो गर्भपात होने का खतरा भी बढ़ सकता है। यदि महिलाएं पांचवे महीने के बाद सीढ़ियां चढ़ती हैं तो इससे होने वाले बच्चे पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जन्म के दौरान बच्चे का वजन भी कम हो सकता है ।
क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
. यदि आपकी किसी कारणवश सीढ़ियां चढ़नी पढ़ रही हैं तो तो कोई भी जल्दबाजी न करें। . हमेशा धीरे-धीरे ही सीढ़ियां चढ़ें और उतरें। इसके अलावा प्रेग्नेंसी में सीढ़ियां उतरते और चढ़ते समय आप एक हाथ से रेलिंग पकड़ लें। . यदि आपके घर या फिर ऑफिस की सीढ़ियों पर मैट बिछा हुआ है तो यह भी ध्यान दें कि मैट मुड़ा न हो। अगर सीढ़ियां चढ़ते और उतरते समय अगर आपकी सांस फूल रही है तो थोड़ा सा रुककर चलें। . इस दौरान यदि आपने ढीले कपड़े पहनें हैं तो ही सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें।
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