| ब्लॉग प्रेषक: | PiyushGoel |
| पद/पेशा: | Service |
| प्रेषण दिनांक: | 26-05-2023 |
| उम्र: | 56 |
| पता: | Gr Noida |
| मोबाइल नंबर: | 9654271007 |
तरीक़े आपने ख़ुद ढूँढने हैं…..
मेरे पिता जी का ट्रांसफ़र सबदलपुर( सहारनपुर) से चौमुहां ( मथुरा ) सन् १९७७-७८ में हो गया, मैं उस समय छटवीं कक्षा का विद्यार्थी था. गाँव चौमुहां मतलब चार मुख वाला यानी वहाँ पर भगवान ब्रह्मा जी का मंदिर हैं मैं आपको बताता चलू भगवान ब्रह्मा जी का मंदिर पुष्कर के अलावा चौमुहां में भी हैं. पिता जी ने मेरा दाख़िला सर्वोदय इंटर कॉलेज में करवा दिया, दूसरे तीसरे दिन मेरे साथ के बच्चों ने मजाक बनाना शुरू कर दिया, मैं खड़ी बोली बोलने वाला और सभी बृज भाषा बोलते थे.लेकिन बृजभाषा सुनकर आनंद आता था. एक दिन इंग्लिश वाले अध्यापक ने Table की स्पेलिंग पूछ ली,और मुझे याद नहीं,मुझे याद नहीं गुरु जी ने पतली छड़ी से पिटाई की मैं बहुत रोया, लेकिन मन ही मन अपने आप से कमिटमेंट कर लिया कि गुरु जी आज आपने पिटाई की आज के बाद English Spelling पर पिटाई नहीं खाएँगे.घर आये और इंग्लिश की पुस्तक में से ४,५ व ६ अक्षर वाले शब्दों को कॉपी पर लिख लिया, पूरी पुस्तक में से क़रीब ३०-३५ शब्द मिले याद कर लिया और एक दिन जब याद हो गये, गुरु जी जैसे ही कक्षा में आये, मैंने उनको कॉपी देकर कहा, गुरु जी ये इंग्लिश पुस्तक में से ४,५ व ६ अक्षर वाले शब्द ढूँढ कर याद कर लिए आप पूछ लो.गुरु जी ने बड़े ध्यान से कॉपी को देखा एयर उसी समय कुछ शब्द पूछ लिये और कॉपी अपने पास रख ली.जो-जो शब्द उन्होंने पूछे थे मैंने सही -सही बता दिये. गुरु जी ने वो कॉपी अपने पास रख ली और कभी वापिस नहीं मिली, हाँ मैं गुरु जी का सबसे समझदार शिष्य हो गया और कक्षा में कभी भी गुरु जी स्पेलिंग पूछ लेते थे पर उसके बाद मेरे से कभी भी स्पेलिंग नहीं पूछी, मेरा कहने का मतलब ये हैं, छोटे- छोटे प्रयास आपको तरक़्क़ी दिलवाते हैं, कोई भी चीज मुश्किल नहीं हैं, चीजों को आसान आपने बनाना हैं.. तरीक़े आपने ख़ुद ढूँढने हैं. लेखक के बारे में -पीयूष गोयल दर्पण छवि के लेखक,पीयूष गोयल 1७ पुस्तकें दर्पण छवि में लिख चुके हैं,सबसे पहली पुस्तक( ग्रन्थ) "श्री भगवद्गीता"के सभी 18 अध्याय 700 श्लोक हिंदी व् इंग्लिश दोनों भाषाओं में लिखा हैं इसके अलावा पीयूष ने हरिवंश राय बच्चन जी द्वारा लिखित पुस्तक "मधुशाला"को सुई से लिखा हैं ,और ये दुनिया की पहली पुस्तक हैं जो सुई से व् दर्पण छवि में लिखी गई हैं इसके बाद रबीन्द्रनाथ टैगोर जी की पुस्तक "गीतांजलि"( जिसके लिए रबीन्द्रनाथ टैगोर जी को सन 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था) को मेहंदी कोन से लिखा हैं.
पीयूष ने विष्णु शर्मा जी की पुस्तक "पंचतंत्र"को कार्बन पेपर से लिखा .अटल जी की पुस्तक "मेरी इक्यावन कवितायेँ"को मैजिक शीट पर लकड़ी के पैन से लिखा और अपनी लिखित पुस्तक "पीयूष वाणी" को फैब्रिक कोन लाइनर से लिखा हैं सं 2003 से 2022 तक 17 पुस्तके लिख चुके हैं. दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. Awards- 1.Limca Book of Records(2Times). 2.World Record( World Record Association).For writing World First Hand Write Needle book Madhushala 3.Dr.Sarvepalli Radhakrishnan Award-2021. 4.इंडियन बैस्टीज़ अवार्ड- 2021. 5.Fanatixx Spectrum Award. 6.Criticspace Literary Award-2022. 7.Guest of Honour-Tittle( Best Entrepreneur of the Year Award-2022. 8.हिन्द शिरोमणि सम्मान-2023. 9.कबीर कोहिनूर सम्मान-2023.
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
23-03-2026
आ बैल मुझे मार !
ट्रंप चाचा, ओ भाऊ श्री वाले ट्रंप चाचा। एगो सलाह दें, अगर बम काम नहीं कर रहा है तो क्यों नहीं हमरा देश से एकाध दर्जन डायन मंगवा लेते हो। भारत में इसका जबरदस्त क्रेज है। आऊ त आऊ, मारन क्षमता भी एकदम गारंटेड है। इसके साथ साथ हमरा देश में मुंहनोछवा, चोटीकटवा
Read More19-03-2026
वलसाड़ में तीन दिवसीय आत्म उत्कर्ष ध्यान-योग शिविर एवं गुजरात गौरव सम्मान-2026 का आयोजन।
यूनिक रिकॉर्ड्स ऑफ यूनिवर्स, जो कि दिव्य प्रेरक कहानियाँ मानवता अनुसंधान केंद्र न्यास, ठेकमा, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश की एक इकाई है, द्वारा धराधाम अंतर्राष्ट्रीय, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के सहयोग से गुजरात के वलसाड़ जिले में स्थित हार्टफुलनेस योग प्रशिक्षण...
Read More15-02-2026
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की 30 कर्मयोगी समूह दीदियों को सारनाथ एवं स्वर्वेद मंदिर का भ्रमण
भगवान बुद्ध के चार प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक सारनाथ—ज्ञान एवं उपदेश की पावन भूमि—वास्तव में वही दिव्य स्थान है, जहाँ भाग्यशाली एवं विरले ही पहुँच पाते हैं। आजमगढ़ जिले की ठेकमा ब्लॉक की चयनित समूह दीदियाँ इस पवित्र स्थल पर पहुँचीं और वहाँ...
Read More09-02-2026
बहुत हुआ सम्मान।
मैं लक्ष्मी-वंदना में व्यस्त था, हे भ्रष्टाचार प्रेरणी, हे कालाधनवासिनी, हे वैमनस्यउत्पादिनी, हे विश्वबैंकमयी, हे कष्टनिवारिणी मुझपर कृपा कर! बचपन में मुझे चवन्नी मिलती थी पर इच्छा अठन्नी की होती थी, परंतु तेरी चवन्नी भर कृपा कभी न हुई। यहाँ तक मुझमें....
Read More15-01-2026
सम्मानित अशोक कुमार को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाना: समर्पण सेवा और संकल्प की गौरव गाथा!
दिनांक 3 दिसंबर 2025 शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादाई दिवस के रूप में स्मरणीय बन गया जो माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा अशोक कुमार को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया यह सामान ने केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियां की पहचान है बल्कि समर्पण..
Read More