व्यंग/कटाक्ष
हाय रे बस (यात्रा संस्मरण)
जीवन में कुछ यात्राएँ आदमी को अनुभव देती हैं, कुछ ज्ञान देती हैं और कुछ ऐसी होती हैं जो हड्डियों की गिनती दोबारा करा देती हैं। करेजा करड़ करड़ करे लगता है।डाल्टनगंज से औरंगाबाद की मेरी बस यात्रा तीसरी श्रेणी में आती है। ड्यूटी से गिरते हांफते बस स्टैंड पह
Read Moreमजनू भाई का नया शाहकार।
खैनी रगड़ते हुए मधेसर चा बोले, देख रहे हो बगेदन - दीवार पर ऊपर गाँधी जी मुस्कुरा रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे कह रहे हों “हे राम, का यही सब के लिए हम अंग्रेज को यहां से भगाएं थे?” बगल में राष्ट्रपति जी शांति से देख रही हैं, जैसे उनका अगला पद्मश्री साक्षात्
Read Moreकॉकरोच पार्टी जिंदाबाद।
बक मर्दे, जिस देश में देश की महिलाओं का सबसे बड़ा दुश्मन कोकरोच होता है, उसी देश में चार दिन से कोकरोच देश बदलने की बात कर रहे हैं। बाप का चार चप्पल तुम्हारा सारा भूत उतार देगा गंदे कोकरोच। तुम वही कोकरोच हो न रे, जो रेल के शौचालय में आपन
Read Moreमेलोडी खाओ, खुद जान जाओ।
ऊ दिन हम बाबू साहेब के चाय दुकान पर बैठल थे। बरसात के बाद कीचड़ ऐसा पसरा था जैसे सरकार का वादा चुनाव के बाद फैल जाता है। सामने टीवी पर समाचार चल रहा था। एंकर अइसन चिल्ला रहा था जैसे देश की सीमा पर युद्ध नहीं, बल्कि उसकी खुद की नौकरी दांव पर लगी हो।
Read Moreराष्ट्रीय स्तर का भाग्य परीक्षण।
नीट परीक्षा अब परीक्षा कम, “राष्ट्रीय स्तर का भाग्य परीक्षण” ज्यादा लगने लगा है।हमरा गांव के लोग पहले सोचता था कि डॉक्टर बनने के लिए पढ़ाई जरूरी है। अब समझ में आया कि पढ़ाई के साथ-साथ “पेपर का जीपीएस लोकेशन” भी होना चाहिए। हमरा नाम पिंटू कुमार है।
Read Moreऑनलाइन दुकानदारी
अरे भाई साहब! ई का तमाशा चल रहा है। गांव के लोग अभी सुगा-मैना नियर "ऑनलाईन-ऑनलाईन" रटिए रहे थे कि शहर के दवा दुकान वाले भाई लोग सीधे शटर गिरा के हड़ताल पर बैठ गए! ई तो वही बात भइल कि लइका जनमल ना, आ मुंडन के तैयारी शुरू। शहर वाले कह रहे हैं कि ऑनलाईन
Read Moreनींद में लिपटे सैनिक और जागता हुआ सेनापति..
बात-बात पर हमने, अपने एक अधीनस्थ कर्मी से बोला की इस बार ब्लॉक प्रबंधक की नियुक्ति आएगी तो फॉर्म अप्लाई कर देना... वह बोली न बाबा न मुझे ऐसा सेनापति नहीं बनना जिसके सैनिक सोए हुए रहते..! हमने बोला सेनापति के सम्मानित उपाधि से ब्लॉक प्रबंधक के पद को न...
Read Moreछिपकली कभी मगरमच्छ नहीं हो सकती..!
हमारे एक सहकर्मी का एक वाक्य मुझे चिंतनशील कर दिया और कुछ लिखने पर मजबूर कर दिया। जब उन्होंने किसी बात पर कहा की छिपकल्ली को नदी में डाल देने से वह मगरमच्छ नहीं बन सकती..! दीवारों पर चिपकी हुई खूबसूरत लगती छिपकलियों की कार्यकुशलता नदी में तैरती मगर..
Read Moreबहुत बहुत बहुत सुंदर।
शीर्षक: “बहुत बहुत बहुत बहुत सुंदर… और उतनी ही लंबी मुसीबत” कार्यालय में ड्रेस कोड लागु होना था, सभी कनीय बंधु बाँधवों को ड्रेस सिला लेने को कहा गया। एक महिला से कहा गया की आप नई ड्रेस के साथ सैंपल के तौर पर एक चित्र भेजें। ताकि उससे बाकियों का अंदाजा...
Read Moreगड्ढा- ए- सड़क
छह महीने पहले मेरी पूरी बॉडी डायबिटीज के रंग में रंगी थी और आज पूरी बॉडी धूल में है। लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि मेरा गढ़वा तरक्की के रास्ते पर चल पड़ा है। नवादा मोड़ से रंका मोड़ तक रास्ते में धूल ही धूल, गड्ढे ही गड्ढे हैं। शानदार गड्ढे—इतने शानदार कि आप
Read Moreआ बैल मुझे मार !
ट्रंप चाचा, ओ भाऊ श्री वाले ट्रंप चाचा। एगो सलाह दें, अगर बम काम नहीं कर रहा है तो क्यों नहीं हमरा देश से एकाध दर्जन डायन मंगवा लेते हो। भारत में इसका जबरदस्त क्रेज है। आऊ त आऊ, मारन क्षमता भी एकदम गारंटेड है। इसके साथ साथ हमरा देश में मुंहनोछवा, चोटीकटवा
Read Moreबहुत हुआ सम्मान।
मैं लक्ष्मी-वंदना में व्यस्त था, हे भ्रष्टाचार प्रेरणी, हे कालाधनवासिनी, हे वैमनस्यउत्पादिनी, हे विश्वबैंकमयी, हे कष्टनिवारिणी मुझपर कृपा कर! बचपन में मुझे चवन्नी मिलती थी पर इच्छा अठन्नी की होती थी, परंतु तेरी चवन्नी भर कृपा कभी न हुई। यहाँ तक मुझमें....
Read Moreबिकने की भी हद हो गई, सुना है अरावली बिकने वाली है..!
बिकने की भी हद हो गई.. पहले रेल, सेल, भेल, स्टेशन, एयरपोर्ट, सी पोर्ट, बिजली संयत्र, कल कारखाने, खाद्यान्य, खनन पट्टी, सरकारी सार्वजनिक परिसंपत्तियां बिकता था, छोटे मोटे पहाड़ अपने कारपोरेट मित्रों को बेच देते थे चलो कोई बात नहीं..! पूर्वजों ने संपत्ति..
Read Moreनेताओं की एक ही पुकार - हो हमारा विकसित बिहार।
बिहार चुनाव में वोटर और नेताओं की प्रजाति का मन जानने निकले थे हम। जी हां हम। एक तथाकथित व्यंग्यकार, जिसका गांव गर्दन का कुछ ठिकाना नहीं, अपने लिखते हैं, अपने पढ़ते हैं, और अपने ही, अपने लेख पर सकारात्मक टिप्पणी भी करते हैं। खैर अपनी प्रशंसा तो होते ही रह
Read Moreकबीरा तेरे देश में ....।
हे ईश्वर, हे बऊरहवा बाबा, पीपर तर के बाबा तुमसे हाथ जोड़ कर बिनती है कि ई बार बिहार चुनाव में हमन लड़ोर सब के मान सम्मान रखना। 243 में बाकी जेकरा मन करे ओकरा जीतवा देना लेकिन हमन के पसंदीदा ई पांच उम्मीदवार के भारीमत से जीतवा कर मनोरंजन से लबरेज रखना।
Read Moreप्रेमग्रंथ -लव गुरु का ज्ञान।
🌺🌺 चटुकनाथ - अंतराष्ट्रीय लव गुरु।💐💐 "ये इश्क नहीं आसान, बस इतना समझ लीजिए फ़िनाइल की गोली है और चूसते जाना है"। हिंदी के प्रख्यात प्राध्यापक अंतराष्ट्रीय लव गुरु चटुकनाथ जी को प्रेम दिवस पर हमारे शहर में बुलाया गया, प्रेम पर व्याख्यान के लिए। उन्हों
Read Moreतेरे मेरे बीच में कैसा है ये भाषा....।
पंडित रामसेवक जी पलामू महाविद्यालय में प्राध्यापक थे। मुंबई विश्वविद्यालय के एक दीक्षांत कार्यक्रम में हिंदी भाषा पर व्याख्यान हेतु उन्हें आमंत्रण प्राप्त हुआ था। इस हेतु वे अतिउत्साहित अपने झोले में चार कुर्ता और जोड़ी का चार पायजामा रख कर निकल पड़े ...
Read Moreडिप्रेशन में जा रहे हैं।
डिप्रेशन में जा रहे हैं। पांच क्लास में पढ़ते थे, उसी समय हम दिल दे चुके सनम का पोस्टर देखा, अजय देवगन हाथ में बंदूक लेके दांत चिहारले था, मुंह खूने खून था, हम समझे बड़ी मार धाड़ वाला सनिमा होगा। स्कूल से भाग कॉपी पैंट में लुका के तुरंत सिनेमा हॉल भागे।
Read Moreहाय हाय बिजली
हाय हाय बिजली।। सर ई का है ? दिखाई नहीं दे रहा है, ई पसीना है, ई पसीना घबराहट में नहीं निकला है, न ही किसी के डर से निकला है, फौलाद वाला शरबत पीने से भी नहीं निकला है, ई निकला है गर्मी से, और अगर बिजली रहती तो ई देह में ही सुख जाता लेकिन पंद्रह से बीस
Read Moreबस में यात्रा कसम से बस हो गया।
बस में यात्रा कसम से बस हो गया। शकील बदायूंनी का एक शेर में मेरे तरफ से जोड़ा गया "वादा करता हूं कल से बस में सफर करूंगा नहीं, और इस बस के सफर में फ़सूँगा नहीं, मगर वादा करने से पहले मेरे हमकदम बस एक सफर आखिरी आखिरी"। इस बार अपने दोस्त के साथ निकलना था
Read Moreपालनहार - मेरे सरकार।
पालनहार - मेरे सरकार। मा० सरकार, यहां मा के बाद जीरो इसलिए दिया गया ताकि आप सुविधापूर्वक माननीय या अन्य कोई उपसर्ग अपने दुःख या सुख के अहसास के बाद लगा लें। व्यायाम शरीर को स्वस्थ्य रखता है, सरकार भली भांति इस बात को जानती है। लेकिन साठ साल .....
Read Moreहर सवाल का जवाब एक सवाल।
आईए आईए, कह कर नेता जी ने एक गरीब किसान से हाथ मिलाया और बोले, देखिए एक गरीब आदमी से भी मै हाथ मिला लेता हूं। ये एक बड़े नेता की निशानी होती है। आप जैसे फटीचर और गरीब मेरे घर के दरवाजे के भीतर चुनाव के घोषणा के बाद निडर होकर आते हैं, ये मेरी .....
Read Moreदर्द - ए - दिल
दर्द -ए -दिल भोरहरिया जब नींद खुला और बाहर निकला तो देखे की सब लोग महादेव थान के चबूतरा के तरफ दौड़ लगा रहा है। हम अकबका गए की गांव में कोई गुजर तो नही गया। हमहु फटाफट दौड़ के चबूतरा के पास गए। वहां जाकर देखा की बहादुर चा मार सिसक सिसक के रो रहे हैं। आंख
Read Moreबदनाम आदमी पार्टी
मैने अपने पूर्वजों के बारे में जाना तो पता चला आज तक मेरे खानदान में कोई राष्ट्र स्तर का नेता पैदा नहीं हुआ था। कारण सब सच बहुत बोलते थे। एक मैं ही कुलबोरन पैदा हो गया था अपने खानदान में। झूठ बोलने में मैं इतना माहिर था की वर्तमान वाले विधायक जी मुझे.....
Read More
























